AMUL क्या है- AMUL Full Form

इस पोस्ट में  “AMUL ka Full Form” से सम्बंधित जानकारी प्राप्त करेंगे| इसके साथ ही AMUL क्या है, AMUL meaning in Hindi यानी AMUL का मतलब क्या होता है, और “AMUL के बारे में” स्पष्ट जानकारी मिलेगी । यदि आप “AMUL Full Form” से जुडी सभी सवालो की विस्तृत जानकारी चाहते है, तो कृपया इस आर्टिकल के साथ बने रहें.

AMUL Ka Full Form क्या होता है? – What is the full form of AMUL?

  • AMUL Full Form In English: Anand Milk Union Limited
  • AMUL Full Form In Hindi: आनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड

AMUL क्या है – What is AMUL full form in Hindi?

AMUL का पूरा नाम Anand Milk Union Limited  होता है और  हिंदी में इसे आनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड  के नाम से जाना जाता है| यह एक सहकारी दुग्ध उत्पाद कंपनी है| जो भारत के गुजरात राज्य के खैरा जिले के आनंद नामक शहर में स्थित है|

अमूल पुरे भारत में दूध और दूध से संबंधित उत्पाद का सबसे बड़ा उत्पादक है| भारत में श्वेत क्रांति लाने का श्रेय अमूल नाम के इसी संगठन को जाता है| आज AMUL, दूध और दूध से संबंधित उत्पादों का सबसे बड़ा ब्रांड बन गया है| इसकी स्थापना वर्ष 1946 में, श्री त्रिभुवनदास पटेल ने तत्कालीन उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के मार्गदर्शन में की थी।
इसका संस्थापक अध्यक्ष डॉ० वर्गीस कुरियन को बनाया गया था, वो अमूल के साथ 1950 में जुड़े और अपनी व्यवसायिक तकनीकी और दक्षता से इसे ताकतवर और सफल कंपनी बनाया| वर्तमान में इसका प्रबंधन गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (GCMMF) के पास है| और इसके उत्पाद चालीस से अधिक देशों में उपलब्ध हैं।

अब AMUL का फुल फॉर्म पढ़कर समझ गयें होंगे की AMUL क्या है. तो चलिए अब AMUL से सम्बन्धित अन्य जानकारीयो के बारे में जानते है|

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AMUL का इतिहास

  • स्थापना वर्ष – 1946 ई०
  • स्थापना स्थल – भारत के गुजरात राज्य में खैरा जिले के आनंद नामक शहर में
  • इसकी स्थापना श्वेत क्रांति के अंतर्गत की गयी थी|
  • संस्थापक अध्यक्ष – डॉ० वर्गीस कुरियन

सन् 1940 के दशक में, गुजरात में व्यापारियों और दलालों द्वारा सीमांत दूध उत्पादकों के शोषण और शोषणकारी व्यपार प्रथाओं से त्रस्त होकर स्थानीय किसानों ने विरोध किया और एक सहकारी आन्दोलन की शूरुआत की| वहाँ कि स्थानीय नेता श्री त्रिभुवनदास पटेल ने तत्कालीन उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल संपर्क किया और इस समस्या से अवगत कराया|

सन् 1946 ई० में, किसानों ने हड़ताल कर दिया और इसका असर दुग्ध उत्पादन पर पड़ने लगा| इस परेशानी को देखते हुए, तत्कालीन उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रोत्साहन और प्रेरणा से मोरारजी देसाई और त्रिभुवनदास पटेल जैसे नेताओं के मार्गदर्शन में, किसानों ने एक सहकारी संगठन का निर्माण किया|

इस सहकारी संगठन का नाम “कायरा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड” रखा गया| अपने शुरूआती दिनों में यह केवल दो गांवों के दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों से जुड़ा हुआ था| और सिर्फ 247 लीटर दूध के साथ शुरू किया गया था|

अब किसानों के पास अपनी डेयरी थी| किसानों के चुने हुए प्रतिनिधि ही इस डेयरी का प्रबंधन करते थे| और प्रतिनिधि, सहकारिता से जुड़े हुए किसानों के जरूरतों और मांगों के प्रति बेहद संवेदनशील थी| इसी को देखते हुए, तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने किसानों के हित के लिए विचार किया कि क्यों न इस सहकारी समिति को राष्ट्रीय डेयरी विकास निति का आधार बनाया जाए |

इसी चीज को साकार करने के लिए उन्होंने इस डेयरी को संचालित करने के लिए और इस व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए पेशेवर और जानकार लोगों को नियुक्त किया| बाद में यह सहकारी समिति “अमूल” और इसका प्रारूप “अमूल मॉडल” के नाम से जाना गया|

सन 1965 ई० में,  “अमूल मॉडल”  को व्यापक रूप देने के लिए और इसके मूल उद्देश्य कि प्राप्ति के लिए “ राष्ट्रीय विकास डेयरी बोर्ड “ का गठन किया गया| और इस बोर्ड का अध्यक्ष डॉ० वर्गीस कुरियन को बनाया गया| और इस तरह आज यह दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा ब्रांड बन गया है|

अमूल मॉडल क्या है?

अमूल मॉडल, त्रिस्तरीय (तीन स्तर वाली) संरचना वाली एक सहकारी संगठन है| इसे “आनंद पैटर्न” के नाम से भी जाना जाता है|

इसके तीन स्तर इस प्रकार है|

  1. ग्राम स्तर – इस स्तर पर गावों की सहकारी समितियाँ होती है|
  2. जिला स्तर- इस स्तर पर एक जिला दुग्ध संघ होता है जो जिले के अंतर्गत आने वाले सभी गावों के ग्राम स्तर और सहकारी समितियों से जुड़ा हुआ रहता है|
  3. राज्य स्तर- इस स्तर पर एक राज्य दुग्ध संघ होता है जो राज्य के अंतर्गत आने वाले सभी जिला दुग्ध संघ से जुड़ा हुआ रहता है|

अमूल को इसका नाम कैसे मिला?

अमूल के संस्थापक “कायरा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड”  ने “अमूल” शब्द, संस्कृत के “अमूल्य” शब्द से लिया है| जिसका शाब्दिक अर्थ है – “ जिसका मूल्य नहीं चुकाया जा सकता है” |

अमूल  का मुख्य उत्पाद क्या हैं?

amul full form के इस post में हम पहले ही जान चुके है की अमूल dairy मुख्य केंद्र बिंदु milk product को बनाना है| इसके प्रमुख milk product निम्नलिखित है:

  • Amul Cattle Feed
  • Amul Milk
  • Amul PRO
  • Amul Puffles
  • Amul Recipes
  • Amul Sour Cream
  • Bakery Products
  • Beverage Range
  • Bread Spreads
  • Cheese
  • Chocolates
  • Dahi
  • Fresh Cream
  • Ghee
  • Happy Treats
  • Ice Cream
  • Milk Powders
  • Mithai Mate
  • Mithai Range
  • Panchamrit
  • Paneer
  • Roti Softener

अमूल गर्ल – अमूल का एक सफल चेहरा ?

अमूल के हर उत्पाद में दिखाई देने वाली “अमूल गर्ल” का चित्र का चित्रण 1966 में, DaCunha Communications के निदेशक रहे “यूस्टेस फर्नांडीस” द्वारा बनाई गई थी|

भारत में दूध का जनक किसे कहा जाता है?

आज हमारे देश में दूध की प्रचुरता है| इसका कारण “श्वेत क्रांति” को जाता है| श्वेत क्रांति के जनक या  दूध का जनक “डॉ० वर्गीज कुरियन” को कहा जाता है|

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  2. B.A.M.S क्या है-BAMS full form in medical
  3. B.B.A क्या है- AMUL ka Full Form

A Latter full form की पूरी list (A latter Full Form list)

AMUL full form के इस post में आप AMUL meaning in hindi के बारे में चुके है| इसके अलावे  A Latter Full Form In Hindi से जुडी और भी कई फुल फॉर्म निचे के table में दी गई गई है| आप किसी भी फुल फॉर्म की list की acronyms पर click कर, उसके बारे में संक्षिप्त जानकारी पढ़ सकते है|

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इस लेख को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद, हमें उम्मीद है, की आपको यह लेख “AMUL full form in hindi” आपको जरूर पसंद आया होगा|

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