भारतीय संविधान की प्रस्तावना क्या है- preamble of india in hindi

भारतीय संविधान की प्रस्तावना यानी Preamble of India in Hindi भारतीय राजनीती व्यवस्था की बहुत ही महत्वपूर्ण टॉपिक है,  यदि आप एक भारतीय है तो आपको preamble of Indian constitution के बारे में ज़रूर जानना चाहिए.  भारत की प्रस्तावना को समझने से पहले हमें यह जानना चाहिए की constitution क्या होता है

constitution को हिंदी में संविधान कहते है, constitution कुछ नियम, सिद्धांत और Guideline होती है, जिसके अनुसार देश की government काम करती है,

देश का कोई भी नागरिक हो या राष्ट्रपति सभी को इस constitution (संविधान के नियम) के अनुसार ही काम करना होता है. हम भारतीय नागरिक है हमारे पास कुछ मौलिक और कुछ मौलिक कर्तव्य है ये सभी इसी constitution  हिस्सा है.

पुरे विश्व में 195 देश है, उनमे से कुछ देशो को छोड़कर सभी देशो के पास अपना लिखित constitution है, और लगभग 72% देशो की संविधान की शुरुआत  Preamble यानि प्रस्तावना से शुरू होती है. अब यहाँ बात आती है की यह  प्रस्तावना क्या है (What is Preamble)

इस post को पढ़ने के साथ आप जन गण मन का अर्थ हिंदी में के पोस्ट को भी ज़रूर पढ़े|

 

प्रस्तावना क्या होता है? – preamble of india in hindi

किसी भी पकवान को बनाने के लिए हमें कुछ सामग्री की ज़रूरत होती है और किसी भी रेसिपी की विडियो या बुक में यह बताया जाता है की  उस रेसिपी को बनाने के लिए कौन कौन से ingredients का Use किया गया है. ठीक उसी प्रकार हमारे संविधान को बनाने में भी कई प्रकार के ingredients का प्रयोग किया गया जैसे –

What are the words of the preamble

  • Sovereign (संप्रभु)
  • Socialist (समाजवादी)
  • Secular (धर्म निरपेक्ष)
  • Democratic (लोकतांत्रिक)
  • Republic (गणतंत्र)
  • Justice (न्याय)
  • Equality (समानता)
  • Liberty (स्वतंत्रता)
  • Fraternity (बंधुत्व)
preamble of india in hindi

preamble of indian constitution In hindi

अब जब हमारा Indian Constitution बनाकर तैयार हो गया, तब इन सभी शब्दों के Ingredients को संविधान के पहले पन्ने पर लिख दिया गया, और और इसी पन्ने (page) को Preamble कहा जाता है. यानी भारतीय संविधान का पूरा सार इस प्रस्तावना में निहित है। इसे Vision of Indian Constitution भी कहा जा सकता है.

 

प्रस्तावना संविधान का सबसे सम्मानित भाग है। यह संविधान की आत्मा है। यह संविधान की कुंजी है। यह संविधान का आभूषण है। यह एक उचित स्थान है जहां से कोई भी संविधान का मूल्यांकन कर सकता है।

संविधान सभा के सदस्य “पंडित ठाकुर दास भार्गव जी” 

 

कोई भी Preamble of Indian Constitution यानी संविधान के पहले Page को पढ़कर ही यह समझ सकता है की, भारतीय संविधान में क्या लिखा गया है या भारत का संविधान किन चीजों से मिलकर बना है. अमेरिका ऐसा पहला देश था जिसने अपने संविधान में Preamble को जोड़ा उसके बाद लगभग सभी देशो ने अपना अपना Preamble बनाया.

 

भारत की प्रस्तावना और इसका अर्थ क्या है

प्रस्तावना के बारे में हम सभी ने बहुत कुछ सिखा और जाना लेकिन क्या आपको “Meaning of Preamble of Indian Constitution” यानी प्रस्तावना और इसका अर्थ पता है आइये जानते है.

इसके प्रत्येक भाग का अपना खुद का अर्थ है, इसमे हमें निम्नलिखित बाते मिलती है जैसे

  • संविधान का स्रोत
  • भारतीय राज्य की प्रकृति
  • इसके उद्देश्यों का विवरण
  • इसे लागू की तारीख
preamble of india in hindi

preamble of india in hindi

” हम, भारत के लोग,
भारत को एक
सम्पूर्ण प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य
बनाने के लिए और
उसके समस्त नागरिकों को

अर्थ – यह हमें भारत के बारे में बताता है की भारत कैसा देश है, यानी यह खंड Nature of indian state का सम्पूर्ण वर्णन करता है, यहाँ से हमें यह पता चलता है की भारत और भारत के लोग सम्पूर्ण प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य है.

 

सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय,
विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म व उपासना की स्वतंत्रता,
प्रतिष्ठा और अवसर की समता
प्राप्त कराने के लिए तथा
उन सब में व्यक्ति की गरिमा और
राष्ट्र की एकता तथा अखंडता
सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए

अर्थ – यह खंड हमें भारतीय संविधान के मुख्य उद्देश्य (objectives of preamble of indian constitution) के बारे में बताता है. इसमें नागरिको के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय और धर्म, प्रतिष्ठा और अवसर की स्वतंत्रता पर जोर दिया गया है,

 

दृढ़ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज दिनांक 26 नवंबर 1949 ई. ( मिति मार्गशीर्ष शुक्ल सप्तमी, संवत् दो हजार छह विक्रमी ) को एतद द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं। “

अर्थ- प्रस्तावना के तीसरे खंड में, एक Date यानी दिनांक 26 नवंबर 1949 ई. को बताया गया है, इसी दिन “मिति मार्गशीर्ष शुक्ल सप्तमी, संवत् दो हजार छह विक्रमी” भारतीय संविधान को अंगीकृत किया गया था, अब आप meaning of preamble of India in Hindi में समझ चुके होंगे

 

प्रस्तावना का इतिहास – History of the Preamble to Indian Constitution

प्रस्तावना को संविधान में जोड़ने का प्रस्ताव पंडित जवाहर लाल नेहरू जी 13 दिसंबर 1946 को रखा. इसे ‘उद्देश्य प्रस्ताव’ के नाम से जाना गया. और संविधान सभा ने इस प्रस्ताव को 22 जनवरी 1947 को स्वीकार कर लिया। प्रसिद्ध न्यायविद तथा संवैधानिक विशेषज्ञ एन. ए. पालकीवाला ने प्रस्तावना को संविधान का परिचय पत्र कहा.

  • Preamble of India Frame के Design को राम मनोहर सिन्हा ने बनाया था इसलिए इसके Original फ्रेम के निचे राम मनोहर सिन्हा के Signature है. 1976 में, 42 वें संविधान संशोधन अधिनियम के अनुसार Preamble में तीन नए शब्द-  “समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता” को जोड़ा गया

 

  • 1960 में बेरूबरी यूनियन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा कि प्रस्तावना संविधान का हिस्सा नहीं है। बल्कि इसे संविधान के प्रावधानों के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत माना जाना चाहिए।

 

  • केशवानंद भारती मामले (1973) में सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के फैसले को पलट दिया और यह कहा कि प्रस्तावना संविधान का एक हिस्सा है, और इसके मूल ढांचे में परिवर्तन किये बिना, इसे संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत संशोधित किया जा सकता है लेकिन

 

FAQs Related To Preamble of India in Hindi

इस पुरे Article को पढ़ने के बाद भी यदि आपके मन कोई सवाल है तो इस Bharat Ki Prastavna FAQs & QnA की मदद से आपके सारे doubts clear हो जायेगे –

 

Q.भारत के संविधान की प्रस्तावना किन शब्दों से शुरू होती है

Ans:- हम, भारत के लोग से शुरू होती है और “26 नवंबर 1949 अंगीकृत” पर समाप्त होती है.

 

Q.भारत की प्रस्तावना कहा से प्रेरित है 

Ans:-भारतीय संविधान की प्रस्तावना का विचार यूएसए अमेरिका के संविधान से लिया गया है लेकिन प्रस्तावना की भाषा को ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिया गया है

 

Q.भारत की प्रस्तावना में कितनी बार संशोधन हुआ

Ans:-प्रस्तावना में अब तक केवल एक बार संसोधन हुआ है इस संसोधन के अनुसार “समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता” तीन शब्द को इसमे जोड़ा गया था 

 

Q.भारत की प्रस्तावना को कब अपनाया गया

Ans:-यह प्रस्ताव को 22 जनवरी, 1947 को अपनाया गया था।

 

Q.प्रस्तावना को संविधान की आत्मा किसने कहा

Ans:-ठाकुर दास भार्गव ने 

 

Q.‘संविधान की कुंजी’ किसे कहा जाता है?

Ans:- प्रस्तावना को 

 

Q.भारत की प्रस्तावना में कुल कितने मुख्य शब्द हैं

Ans:-भारत की प्रस्तावना में लगभग 10 मुख्य शब्द है 

 

Q.प्रस्तावना में कौन कौन से न्याय के बारे में बताया गया है

Ans:- सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक

 

Q.भारतीय संविधान की प्रस्तावना में संशोधन किस अधिनियम के द्वारा किया गया था

Ans:- 42वां संशोधन अधिनियम, 1976

 

Q.संविधान की कुंजी किसे कहा जाता है 

Ans:- संविधान की कुंजी प्रस्तावना (preamble) को कहा गया है 

 

Q.संविधान की आत्मा किसे कहा जाता है 

Ans:-संविधान की आत्मा प्रस्तावना (preamble) को कहा गया है 

 

Q.प्रस्तावना में कितने प्रकार के न्याय के बारे में चर्चा की गई है 

Ans:- प्रस्तावना में तीन प्रकार के न्याय ( सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक )

 

Q.प्रस्तावना में कितने प्रकार के स्वतंत्रता के बारे में चर्चा की गई है

Ans:- प्रस्तावना में पांच प्रकार की स्वतंत्रता ( विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म व उपासना )

 

Q.भारत की प्रस्तावना में कितने प्रकार की समानता का उल्लेख है 

Ans:- प्रस्तावना में दो प्रकार की समता ( प्रतिष्ठा और अवसर )

 

Q.संविधान की शक्ति का स्त्रोत कौन है 

Ans:- हम सब भारतवासी

 

Q.संविधान की प्रस्तावना को संविधान का परिचय पत्र किसने कहा है 

Ans:-संविधान विशेषज्ञ नानी पालकीवाला ने

 

Q.What is the Preamble of India in English

Ans:-

WE, THE PEOPLE OF INDIA,

having solemnly resolved to constitute India
into a SOVEREIGN SOCIALIST SECULAR DEMOCRATIC REPUBLIC
and to secure to all its citizens:

JUSTICE, social, economic and political;
LIBERTY of thought, expression, belief, faith and worship;
EQUALITY of status and of opportunity;
and to promote among them all
FRATERNITY assuring the dignity of the individual and
the unity and integrity of the Nation;

IN OUR CONSTITUENT ASSEMBLY this twenty-sixth day of November 1949, DO HEREBY ADOPT, ENACT AND GIVE TO OURSELVES THIS CONSTITUTION.

आपने preamble of indian constitution in hindi के इस लेख में क्या सिखा?

भारतीय संविधान को हाथों से लिखा गया था, इसमें किसी भी प्रकार की टाइपिंग या प्रिंटिंग का उपयोग नहीं किया गया था, और इसलिए यह विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है साथ ही यह सबसे लंबा लिखित संविधान है.

“preamble in hindi” के इस लेख को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद, हमें उम्मीद है, की आपको यह हिंदी लेख जरूर पसंद आया होगा|यदि आपने  के इस हिंदी-पोस्ट को अच्छे से पढ़ा होगा तो इसमे दी गई जानकारी आपके लिए ज्ञानवर्धक साबित होगी।

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