Internet क्या है | What is Full form of Internet

शायद यह कहना गलत नहीं होगा की, Computer और Internet दोनों मनुष्य के द्वारा बनाई गई सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी विकास में से एक है। इस इंटरनेट (Full form of Internet) के जरिये पूरी दुनिया आपस में जुड़ चूकी है| कुछ ही सेकेंड में हम किसी भी व्यक्ति से जुड़ सकते है, बात कर सकते है, mail भेज सकते है.

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यानी अज हम Mouse और keyboard के एक Click पर दुनियाँ की कोई भी जानकारी प्राप्त कर सकते है और तो और तस्वीरे, वीडियो और Text Massage के द्वारा chatting भी कर सकते है|  यदि आप “What is Internet ” और “internet full form” से जुडी सभी सवालो की विस्तृत जानकारी चाहते है, तो कृपया इस आर्टिकल के साथ बने रहें.

internet क्या है? – What is Internet In Hindi

यह शब्द मनुष्य के द्वारा ही इजात किया गया, internet दो शब्दों में मिलाने से बना है इसमे INTER एक लैटिन शब्द है इसका अर्थ “between” or “among यानी “के बीच” या “के बीच में होता है| दूसरा शब्द NET एक network नाम के word से लिया गया है  इसलिए इंटरनेट का सीधा मतलब है between The Network या Interconnected the network होता है|

Internet Full Form in EnglishInterconnected the Network
Internet Full Form in Hindiनेटवर्क का इंटरकनेक्शन / अंतरजाल
What is the Internet In hindi

इन्टरनेट एक नेटवर्क सिस्टम का online Web Server है, इसमे – लाखों कंप्यूटरों, बड़ी संख्या में डेटा, सर्वर, और वेबसाइटों आपस में जुड़े हुए है| इसे WWW यानी World Wide Web के नाम से भी जाना जाता है|

आसान शब्दों में कहे तो,  इंटरनेट एक विशाल नेटवर्क है जो पूरी दुनिया में कंप्यूटर को जोड़ता है। इंटरनेट के माध्यम से, लोग इंटरनेट कनेक्शन की मदद से दुनियाँ के किसी भी हिस्से में बैठकर- ईमेल, वीडियो और तस्वीर के माध्यम से  जानकारी साझा (Information sharing) कर सकते हैं। आज के समय में इन्टरनेट इतना Advance हो चूका है, की अब बल्ब से चलने वाला इन्टरनेट यानी Li-Fi का भी आविष्कार हो चूका है.

आप पढ़कर समझ गयें होंगे की internet kya hai (What is internet) और internet ka full form kya hai. इस पोस्ट में आगे और भी ज्ञानवर्धक जानकारी दी गई है|, जो आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है|

इन्टरनेट का आविष्कार किसने किया | Invention of Internet In hindi

अधिकारिक और स्वतंत्र रूप से इन्टरनेट की शुरुआत 1 जनवरी, 1983 माना जाता है, बीते इतिहास में इससे पहले कंप्यूटर को एक साथ connect करने का की कोई सुविधा नहीं थी|

इसके शुरुआत और इन्टरनेट का इतिहास (History  of Internet) के पीछे एक लम्बी कहानी है

  • net की शुरुआत की कहानी USA और Russia के बिच हुए Cold war से शुरू होती है, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद इन दोनों देशो में तनाव की स्थिति पैदा हो गई जिसके कारण अमेरिका को डर लगाने लगा की कही रशिया उस पर परमाणु हमला ना कर दे|
  • अमेरिका ने फरवरी 1958 को अपने देश के सैनिक और सरकार के बिच communication system को बनाए रखने के लिए पेन्टागन में स्थित रक्षा विभाग में ARPA (Advanced Research Projects Agency) का गठन किया|
  • 60 के दशक में बड़े से बड़े रिसर्च कार्य करने के लिए बहुत बड़े ही महंगे कंप्यूटर होते थे और एक समय में केवल एक ही यूजर अपने फाइल को देख सकता था|
  • ऐसे में यदि एक research टीम को एक ही समय में अलग अलग फाइल देखनी होती थी तो उन्हें लम्बे समय तक इंतज़ार करना होता था|
  • और उसी समय ARPA को यह idea आया की क्यों ना सभी research Institute के कंप्यूटर को जोड़ कर एक computer Network बनाया जाए| जिससे किसी एक कंप्यूटर में रखे फाइल और फोल्डर को किसी दुसरे कंप्यूटर से Access किया जा सके|
  • ARPA ने छोटे स्तर पर चार कंप्यूटर को आपस में जोड़ कर एक नेटवर्क बनाया जिसे ARPANET कहा गया| धीरे धीरे यह इतना प्रचलित होता गया की इससे जुड़ने वाली computers की संख्या बढ़ने लगी|
  • ARPANET के द्वारा बनाया गया यह एक centralized computer Network था, और यदि युद्ध के दौरान centralized computer पर attack होता तो बाकी सारे कंप्यूटर एक दुसरे से Disconnect हो जाते| और इस स्थिति में कोई भी कंप्यूटर एक दुसरे से communicate नहीं कर पाता|
  • इस स्थिति से बचने के लिए military computer engineer – Paul Baran ने Distributed Network के concept की खोज़ की, इस Distributed Network की ख़ूबी यह थी की एक कंप्यूटर पर attack होने पर भी बाकी computer आपस में communicate कर सकता था|
Father of the Internet
Father of the Internet – Vint Cerf | Internet ke pita
  • इस Distributed Network में भेजे जाने वाले massage को छोटे छोटे पैकेट के रूप में भेजा जाता था| और प्रत्येक पैकेट में source और destination का address होता था| जिससे यह massage नेटवर्क में मुक्त रूप से travel कर सकता था और इसके लिए किसी भी centralized computer की कोई आवश्यकता नहीं थी|
  • इसके अलावे इन छोटे छोटे पैकेट को Guide और Root बताने करने के लिए मिनी कंप्यूटर बनाया गया जिसे interface massage process (IMP) कहा गया जिसे आज हम राउटर के नाम से जानते है|
  • interface massage process (IMP) यानी Router का उपयोग इन्टरनेट के सभी कंप्यूटर को एक दुसरे से जोड़कर Distributed Network बनाना और massage पैकेट को store करके सही root में भेजता है|
  • इन massage packet को network में travel करने के लिए Transmission control protocol (TCP) और network में जुड़ने वाले computer के लिए Internet protocol (IP) बनाया गया| यही प्रोटोकॉल network को Operated और instruct करता है|
  • इस प्रोटोकॉल से जुड़ने वाले कंप्यूटर को एक unique नम्बर दिया जाता था, जिसे IP Address नाम दिया गया| और अब जब भी किसी ARPANET के researcher को किसी फाइल को access करना चाहे तो वह उस फाइल से जुडी हुई IP Address को search करना होता था|
  • एक IP Address में बहुत सारे नम्बर होते है जिसे याद रखना बहुत मुश्किल होता था| इसलिए प्रत्येक IP Address को एक unique नाम दे दिया गया जिसे आज हम डोमेन नाम (Domain Name) से जानते है|

History and full form of internet

  • 1990 में ब्रिटिश कंप्यूटर इंजिनियर Tim Berners-Lee ने www (World Wide Web) technology का आविष्कार किया|
  • लगभग 1991 में  ARPANET को बंद करके इन्टरनेट बना दिया गया और WWW technology को इन्टरनेट में शामिल किया गया.

इन्टरनेट में डाटा कैसे भेजते है – How to send data in internet

internet data को भेजने और प्राप्त करने के लिए कई सारी technology का Use करता है, जैसे Binary system, internet component, Electrical Ethernet Cable, Optical Fiber Cables इत्यादि आइये जानते है, की internet कैसे काम करता है.

कोई भी information बिट या बाइनरी यानी 1 या 0 से बना होता है, और इस बाइनरी डाटा को एक कंप्यूटर से दुसरे कंप्यूटर में भेजने के लिए radio wave और computer or internet components का उपयोग किया जाता है|

कम दुरी तक information बिट को भेजने के लिए Electrical Ethernet Cable का Use किया जाता है| यदि इस Ethernet Cable का Use केवल 100 फिट तक की दुरी के लिए ही किया जा सकता है|

अगर 100 फिट से अधिक तक डाटा को भेजते है तो इसमें Signal Lose की problem होती है| इस परेशानी से बचने के लिए signal को भेजने के लिए Light का इस्तेमाल करते है|

Light के signal को भेजने के लिए Optical Fiber Cables का Use किया जाता है, इस Optical Fiber Cables  को समुद्र के रास्तो से पुरे विश्व में फैलाया गया है

what is Optical Fiber Cables and how it works
Optical Fiber Cables kya hota hai

Optical Fiber Cables को submarine cables भी कहते है, ये बहुत ही पतले पतले glass Tube के बने होते है, यह glass Tube प्रकाश के पूर्ण आन्तरिक प्रवर्तन के आधार पर work करता है. एक Optical Fiber Cables में बिट्स को लाइट के Form में भेजा जाता है|

इन्टरनेट का मालिक कौन है- Who is an owner of the Internet

अक्सर कई Internet User, गूगल पर ये सर्च करते है, की “इन्टरनेट का मालिक कौन है” (Who is an owner of the Internet) चूकी, इन्टरनेट का अविष्कार और उसकी कार्य प्रणाली बुलकुल free है, इसलिए इन्टरनेट का कोई भी मालिक नहीं है, लेकिन समुद्र में बिछाये गए Optical Fiber Cables और कुछ प्रोटोकॉल के रख रखाव के लिए कंपनी के  service के लिए हमें कुछ पैसे देने पड़ते है|

इसका कोई भी Central Control system नहीं है, लेकिन इसके इंटरनेट से संबंधित मानक और नीति को बनाए रखने के लिए अमेरिका में Internet Society (ISOC) का गठन 1992 में किया गया और इसका मुख्यालय  रेस्टन, वर्जीनिया, यू.एस में स्थापित किया गया|

इस Internet Society (ISOC) के बहुत सारे अलग अलग Branches है जैसे- internet Protocol संबंधित Standards और  policy को बनाए रखने के लिए The Internet Engineering Task Force (IETF) है

Domain Name System और IP Address Assign करने से संबंधित Standards और  policy के लिए “The Internet Corporation for Assigned Names and Numbers” (ICANN) को बनाया गया है|

इन्टरनेट कैसे काम करता है – How the internet works step by step

इन्टरनेट की कार्य प्रणाली को काम करने के लिए मुख्य रूप से तीन component की ज़रूरत होती है

  • वेब सर्वर (जहाँ डाटा स्टोर करके रखा जाता है )
  • इन्टरनेट सर्विस प्रोवाइडर (airtel, jio, BSNL )
  • वेब ब्राउज़र (chrome, Opera, mozilla Firefox, Explorer )
  • पीसी, लैपटॉप, मोबाइल
इन्टरनेट कैसे काम करता है - How the internet works step by step
interenet kaise kaam karata hai

How internet works in Hindi (internet ka full form)

  1. जब भी हम किसी search engine के मदद से किसी  information या data (image, vedio, text) को वेब ब्राउज़र के माध्यम से search करते है तो यह search engine हमारी इस search को request की तरह लेता है| और इसे ISP server (Internet Service Provider) को send कर देता है
  2.  अब इस search की गई  request को छोटे छोटे packets में बाँट दिया जाता है| और उन पैकेट्स को network के जरिये destination तक भेजा जाता है|
  3. उन पैकेट्स को network के जरिये destination तक भेजने का काम  interface massage process (IMP) यानी Router करता है|
  4. चूकी इन्टरनेट पर अरबो खराबो की संख्या में छोटे छोटे packets travel करते है इसलिए इन packets को एक IP Address दे दिया जाता है ताकि यह सही destination पर पहुचे|
  5. ISP server (Internet Service Provider) के पास domain name और उसके IP address की पूरी list की जानकारी होती है|
  6. IP मिलने के बाद वेबसाइट के सर्वर का address पता चल जाता है और web page के लिए उस सर्वर को request send कर दिया जाता है।
  7. Server आपके ISP को search की गई request का webpage send कर देता है।
  8. और आपका ISP उस webpage को आपके ब्राउज़र पर दिखाने लगता है|

इन्टरनेट में डाटा कहाँ store होता है | Internet kya hai

इन्टरनेट में डाटा Web Server में store होता है,  ये Web Server दुनियाँ के अलग अलग हिस्सों में Web Server Centre के रूप में स्थापित किये जाते है| जिसे Internet Data Centre कहा जाता है|

Web Server एक प्रकार का कंप्यूटर ही होता है जीसमें बहुत अधिक क्षमता वाली Hard Disk और प्रोसेसर लगी होती है, इस Web Server को 24 घंटे ON रखना होता है|  किसी भी website के content, video, image, डाटा , फाइल, फोल्डर इत्यादि को इसी वेब सर्वर में store करके रखा जाता है|

Where is the data stored webs erverin the internet
Web server Data Centre

चूकी, वेब सर्वर किसी प्राइवेट कंपनी के द्वारा बनाई जाती है, इसलिए हमें अपना content, video, image, डाटा , फाइल, फोल्डर इत्यादि को उनके वेब सर्वर पर store करके रखने के लिए हमें monthly या yearly rent के रूप में कुछ पैसे भी देने होते है| कुछ वेब सर्वर कम्पनी जैसे – Hostinger, Go daddy, HostGator, SiteGround, BigRock प्रमुख है

अपना इंटरनेट स्पीड टेस्ट कैसे चेक करे – How to check internet speed test

internet speed kaise check kare इस सवाल का जबाब यही है की- आप इंटरनेट स्पीड टेस्ट अपने फ़ोन और laptop और pc पर आसानी से कर सकते है इसके लिए आपको कुछ steps को फॉलो करने होंगे जैसे :-

  1. सबसे पहले Speed Test by Ookla पर click करे
  2. अब यहाँ GO के आइकॉन पर click करे
  3. click करते ही आपको आपके नेट connection की Ping, download, upload, आपकी IP Address, आपके ISP और आपकी location की जानकारी बता देगा|
  4. इसके chrome Extention को आप अपने chrome browser में install कर सकते है|

Mobile phone pe internet speed kaise check kare 

internet speed test on iOS, Android Mac के लिए Speed Test by Ookla Apps बनाई है, जिसे आप Play store से download कर सकते है,  इस एप से आप अपने मोबाइल में चल रहे इंटरनेट स्पीड टेस्ट कर सकते है.

इंटरनेट की महत्वपूर्ण विशेषताएं और उपयोग क्या है?

2020 के डाटा के अनुसार internet पर लगभग 40 ट्रिलियन गीगाबाइट डेटा (40 ज़ेटाबाइट्स)  storage की डाटा मौजूद है, और दिन प्रतिदिन डाटा की संख्या बढती ही जा रही है| हालाँकि अभी तक ऐसी कोई कैलकुलेशन नहीं की गई है जिससे इन्टरनेट पर उपलब्ध डाटा का सही अनुमान लगाया जा सके|

वर्तमान समय में,  google और Bing जैसे search engine, youtube और  amazon prime जैसे vedio streaming website, amazon, और Flipkart  जैसे- ई-कॉमर्स जैसे इन सभी website पर हर दिन  बिलियन और ट्रिलियन में visiter आते है, आज  इंटरनेट का उपयोग करने के मामले में पहले स्थान पर चीन दूसरा भारत और तीसरा United States  है।

इंटरनेट की महत्वपूर्ण विशेषताएं और उपयोग के बारे में जानते है :-

  • ई-कॉमर्स के लिए
  • ई-बुक्स और ऑनलाइन मैगज़ीन पढ़ने के लिए
  • ईमेल भेअने और प्राप्त करने के लिए
  • ऑनलाइन गेम खेलने के लिए
  • ऑनलाइन पढाई करने के लिए
  • ऑनलाइन बैंकिंग के कार्यो को करने के लिए
  • ऑनलाइन विडियो और मूवीज देखने के लिए
  • ऑनलाइन जॉब सर्च करने के लिए
  • टिकट बुकिंग करने के उदेश्य से
  • फाइल डाउनलोड और फाइल को अपलोड करने के लिए
  • एक कंप्यूटर से दुसरे कंप्यूटर में फाइल ट्रांसफर और फ़ाइल शेयरिंग करने के लिए
  • फ्रीलांसिंग करने के लिए
  • ऑनलाइन रिसर्च और सर्वे करने के लिए
  • समाचार और देश दुनिया की जानकारी प्राप्त करने के लिए
  • सोशल नेटवर्किंग जैसे फेसबुक, ट्विटर आदि चलाने के लिए

इंटरनेट से होने वाले नुकसान – disadvantages of the Internet?

विज्ञान ने हमें बहुत सारे ऐसे आविष्कार दिए जिसने मानव जाती की अनेको समस्याओ का समाधान किया, वही दूसरी तरफ इन आविष्कार के बदले मनुष्य ने बहुत ही भारी कीमत भी चुकाई है, इन्टरनेट उन्ही में से एक है|

इसके इस technology को इस्तेमाल करने वाले  इसके फ़ायदे  (internet ke fayade) से परिचित तो है परन्तु उन्हें इसके नुकसान के बारे में नहीं पता है जैसे:-

  • ऑनलाइन अपराध, धोका-धड़ी और हैकिंग होना
  • Viruses और  Malwares का फैलाना
  • व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता का खत्म होना
  • बच्चों के लिए असुरक्षित
  • Addiction, distractions और social media पर समय की बर्बादी
  • Pornographic और  violent images, vedio, और post का viral होना
  • डाटा पैक के लिए पैसो की बर्बादी
  • स्वास्थ्य सम्बन्धी शिकायत जैसे – मोटापा, आँखों पर प्रभाव इत्यादि
  • प्रलोभित करने वाले विज्ञापन से उन चीजों को खरीदना जिनकी आपको आवश्यकता नहीं है

FAQs RELATED TO full form of the internet?

इस पुरे artical को पढ़ने के बाद भी यदि आपके मन कोई सवाल है तो इस full form of internet FAQ और QnA की मदद से आपके वो सारे doubts clear हो जायेगे –

Internet क्या है-Full form of Internet
Full Form of Internet | What is internet
  1. What Is Full Form of Internet 

    इसे हिंदी में नेटवर्क का इंटरकनेक्शन / अंतरजाल कहा जाता है|

  2. इन्टरनेट का अविष्कार कब किया गया?

    इन्टरनेट का अविष्कार सन , 1969 में DOD (डिपार्टमेंट ऑफ़ डिफेन्स) के द्वारा बनाया गया था जिसे ARPA नाम दिया गया|

  3. इंटरनेट का विकास कब और किसने किया?

    इसे 1979 Tim Berners Lee के द्वारा बनाया गया और isi समय ARPANET को इन्टरनेट के शामिल किया गया|

  4. इंटरनेट का पिता किसे कहा जाता है?

    इंटरनेट का पिता यानी Father Of Internet के नाम से विन्ट सर्फ़ (Vint Cerf) को जाना जाता है| 

  5. भारत में इन्टरनेट की शुरुआत कब हुई

    भारत में इन्टरनेट की शुरुआत 14 अगस्त 1995 से हुई, इसे विदेश संचार निगम लिमिटेड” यानि VSNL के देख रेख में शुरू किया गया|

    उस समय इन्टरनेट कनेक्शन की स्पीड 8-10 kbps तक ही होती थी| और इसी स्पीड के लिए यूजर को  500-600 रुपये प्रत्येक  महीना  देना होता था

  6. Who was the first website of the internet?

    इन्टरनेट की पहली वेबसाइट http://info.cern.ch/hypertext/WWW/TheProject.html थी| इसे 6 अगस्त 1991 को publish किया गया था| इसे टिम बर्नर्स-ली (Berners-Lee) के द्वारा बनाया था।

  7. Owner of Internet यानी इन्टरनेट का मालिक कौन है

    इसका मालिक या तो कोई नहीं है या तो बहुत सारे लोग और Orgnization है

  8. इन्टरनेट की परिभाषा क्या है?

    इन्टरनेट world Wide जुड़ा नेटवर्क सिस्टम है जो TCP/IP प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करके दुनिया के सभी कंप्यूटर को internet Server से जोड़ता है, यह एक कंप्यूटर को दुसरे कंप्यूटर से जोड़ने के लिए वायरलेस (Wireless) या फाइबर-ऑप्टिक (Fiber Optic) जैसे मध्यमो का इस्तेमाल करता है.

  9. इंटरनेट कनेक्शन कितने प्रकार के होते हैं

    इंटरनेट कनेक्शन के कई प्रकार होते है (Types of internet connection) जैसे-
    1. Broadband Connection.
    2. Dial up connection.
    3. DSL (Digital Subscriber Line)
    4. ISDN (Integrated subscribe Digital Network)
    5. Leased line Connection
    6. VSAT connection

इन्टरनेट से सम्बंधित फुल फॉर्म्स (Internet Related Full Forms)

full form of internet के इस post के अंत में इन्टरनेट से जुडी कुछ प्रमुख शब्दावली है जिसका उपयोग world Wide web के क्षेत्र के किया जाता है|

कभी कभी Internet Related Full Forms and Terms से जुड़े प्रश्न प्रतियोगिता परीक्षाओ में पूछ दिए जाते है| अत: ये आपकी परीक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है

Internet Related Short FormsInternet Related Full Forms
WWW World Wide Web
DNSDomain Name System
FTPFile Transfer Protocol
HTTPS Hypertext Transfer Protocol Over Secure Sockets Layer
SMTPSimple Mail Transfer Protocol
SSLSecure Sockets Layer
TLSTransport Layer Security
POPPost Office Protocol
SIPSession Initiation Protocol
TCPTransport Control Protocol
UDPUser Datagram Protocol
ICMPInternet Control Message Protocol
ARPAddress Resolution Protocol
MACMedium Access Control
PERL Practical Extraction and Reporting Language
XML Extensible Markup Language
HTTP Hypertext Transfer Protocol
HTTP Hypertext Transfer Protocol Secure
HTML Hypertext Markup Language
JS JavaScript
CSS Cascading Style Sheets
ASP Active Server Pages
PHP Hypertext Preprocessor
RSS Really Simple Syndication
SQL Structured Query Language
SASS Syntactically Awesome Style Sheets
UX User Experience
UI User Interface
WP WordPress
AJAX Asynchronous JavaScript And XML
FBFacebook
E Ethernet
2G Second generation of mobile phone standards and technology
3G Third generation of mobile phone standards and technology
4G 4th generation of mobile phone standards and technology
ARPANET Advance Research Project Organization
DARPADefence Advance Research Agency
ICT Information and Comunication Techknowledge
SERPsSearch Engine Results Pages
OSIO Open Source Intiative Organisation
OSS Open source Software
GPRS General Packet Radio System
Ipconfig Internet Protocol Configuration
GSM Global System For Mobile Communications
IP Internet Protocol
POP Point Of Presence
POP Power On Password
POP Post Office Protocol
FTP File Transfer Protocol
IMAP Internet Message Access Protocol
POP3 Post Office Protocol 3
PPP Point-To-Point Protocol
PPTP Point-to-Point Tunneling Protocol
MAC Media Access Control
NetBEUI Networked Basic Input/Output System Extended User Interface
NetBIOS Networked Basic Input Output System
VPN Virtual Private Network
Wi-Fi Wireless Fidelity
Li-Fi Light Fidelity
PDC Primary Domain Controller
WAP Wireless Application Protocol
EPN Enterprise Private Network
WLAN Wireless Local Area Network
LAN Local Area Network
WAN Wide Area Network
MAN Metropolitan Area Network
CD-ROM Compact Disk - Read Only Memory
RAS Remote Access Server
CLASS Compiled java program- often used as class extension
SAN Storage Area Network
PAN Private Area Network
ModemModulator-Demodulator
PERL Practical Extraction and Reporting Language
ITInformation Technology
VIP Vines Internet Protocol
IRDA Infrared Data Association
INS Internet communication Settings
ECSEnhanced Chip Set
STP Shielded Twisted Pair
FORTRAN Formula TRANslation language
NCC Network Control Center
UID User Identification
EPROMErasable Programmable Read Only Memory
EEPROM Electronic Erasable Programmable Read Only Memory
PPP Point to Point Protocol
RDBMSRelational Data Base Management System
ASAP Application Assessment And Planning package
SSI Server Side Includes
COBOL Common Business Oriented Language
CPS Characters Per Second
CHATConversational Hypertext Access Technology
HCL Hardware Compatibility List
EULAEnd User License Agreement
MIS Management Information Systems
APL Automatic Programming Language
ID Internal Device
SFO
Sequential File Organization
ISAM Indexed Sequentioal File Organization
EDP Electronic Data Processing
MDPManual Data Processing
DML Data Manipulator Language
DDL Data Definition Language
ADCAdvanced Data Connector
DB DataBase
DB decibel
W3C World Wide Web Consortium
STP
Shield Twisted Pair
UTP Unshielded Twisted Pair
MCSE Microsoft Certified System Engineer

What is Internet in hindi में आपने क्या सिखा

internet ka full form के इस लेख को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद, हमें उम्मीद है, की आपको यह हिंदी लेख जरूर पसंद आया होगा| यदि आपने “What is internet” और Full form of Internet के इस हिंदी-पोस्ट को अच्छे से पढ़ा होगा तो इसमे दी गई जानकारी आपके लिए ज्ञानवर्धक साबित होगी।

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